विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में जिले के प्रभारी और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के सामने किसानों ने सिस्टम में बैठे नाकारा अफसरों की पोल खोल दी। किसानों ने बताया कि आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने में अफसर फेल हैं, वहीं अब शहर से पकड़े जा रहे बंदरों को जंगलों की जगह गांव में छोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। गन्ना बकाया मूल्य, मनरेगा में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी उठाए गए। मंत्री ने सीडीओ को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराने को संबंधित अफसरों को शिकायतें भेजी जाएं।
सीडीओ देवयानी ने किसान दिवस में सबसे पहले पिछले किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के संबंध में किसानों से फीडबैक लिया। एक-एक कर किसानों की समस्याएं सुनीं। किसान सोमवीर सिंह ने धान खरीद न होने का मामला उठाया। कहा कि जिले के तमाम क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीद न कर उन्हें लौटा दिया जा रहा है। कई किसान मजबूरी में अपने धान कम दाम में बाहरी लोगों को बेचने को मजबूर हैं। इस पर डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि मंडी में इस बार धान की बंपर आवक होने की वजह से कुछ केंद्रों पर धान का उठान नहीं हो सका है, इसलिए दिक्कत बनी है। कुछ किसानों ने खाद की कालाबाजारी, बिजली और सड़क से जुड़े मुद्दे उठाए।
इस बीच बैठक में जिला प्रभारी मंत्री एवं सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर भी पहुंच गए। उनके सामने किसानों ने भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर अफसरों को घेरा। आंवला तहसील के किसान एमपी सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हित की बात करती हैं, उनके लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं, फिर भी किसान कंगाल है। कृषि यंत्रीकरण योजना में घपलेबाजी की बात कहते हुए आरोप लगाया कि मनरेगा में लूट मची है। उनके गांव में शवदाह गृह को जाने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल है। पिछले कई किसान दिवस में इस समस्या को उठा चुके हैं, लेकिन आश्वासन तक मामला सीमित रहता है।
उन्होंने प्रभारी मंत्री से पीडब्ल्यूडी से बनने वाली सड़क में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। किसान कुलदीप ने कहा कि बहेड़ी की केसर चीनी मिल के पिछले साल 18 और इस बार 25 सेंटर कम कर दिए गए, लेकिन किसानों के भुगतान पर कोई ध्यान नहीं है। दस साल पहले भी इस चीनी मिल पर पिछले सत्र का 25 करोड़ का बकाया रहता था, आज 200 करोड़ का बकाया हो गया है।
फरीदपुर के किसान सुनील यादव और रामचंद्र ने शहर के बंदर पकड़कर जंगल की जगह गांव की सीमा में छोड़े जाने की बात कही। शहर के राजनगर कालोनी के सुमित ने कहा कि उनकी कालोनी की सड़क का हाल गांव की सड़कों से भी खराब हो गया है। 15 फीट चौड़ी सड़क पर दोनों तरफ कारें खड़ी रहती हैं। बिजली के लोहे के पोलों का मामला उठाया और कहा कि नीचे से लोहे का पोल काटने के बाद कई जगह इस तरह के पोल हादसे की वजह बन रहे हैं।
नवाबगंज के छेदालाल ने सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे और गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। आंवला के किसान आनंदपाल ने रास्ते के विवाद का मामला रखा और कहा कि एसडीएम से लेकर लेखपाल के पास कई चक्कर लगाए। यहां तक कि किसान दिवस में भी कई बार मामला उठाया, लेकिन दबंगों ने कब्जा नहीं छोड़ा। प्रभारी मंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि किसान अन्नदाता है, इनका पूरा सम्मान होना चाहिए। किसानों की हर समस्या का प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, मेयर डा. उमेश गौतम, नवाबगंज विधायक डा. एमपी आर्य, सीडीओ देवयानी, पीडी डीआरडीए चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, उप निदेशक कृषि अमरपाल, जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी, एआर कोआपरेटिव ब्रजेश परिहार, डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय, डीडीओ दिनेश कुमार यादव, सीवीओ मनमोहन बिष्ट मौजूद रहे।
पीएम ने किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की
बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी की। केंद्र सरकार ने डीबीटी के जरिये जिले के पांच लाख से अधिक किसानों के खाते धनराशि ट्रांसफर की। प्रभारी मंत्री के साथ जिले के जलप्रतिनिधियों, अफसरों और किसानों ने मुख्यालय स्तर पर विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी का लाइव देखा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने दो अगस्त को किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त जारी की थी। उप निदेशक कृषि अमरपाल ने बताया कि योजना के तहत किसानों के खाते में एक साल में छह हजार रुपये, दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में भेजे जाते हैं।