आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वतखोरी का घिनौना खेल खेलने वाले फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक के सीडीपीओ कृष्ण चंद्र पर आखिरकार कार्रवाई तेज हो गई है। निलंबन के सात महीने बाद भी एफआईआर न होने पर आईसीडीएस निदेशक सिमरन कौर ब्रोका ने कड़ी नाराजगी जताकर जिलाधिकारी को तुरंत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया।
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मामला इस साल अप्रैल में तब सामने आया था, जब ग्राम टिटोली की वीरवती ने जनसुनवाई में चौंकाने वाला खुलासा किया। महिला ने बताया कि चयन कराने के नाम पर सीडीपीओ ने 12 नवंबर 2023 को कार में बैठकर उससे 70 हजार रुपये की रिश्वत ली। वीरवती ने कैश देते वक्त पूरा वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था
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इसे तत्कालीन डीएम को सौंप दिया।वीडियो और शिकायत की जांच तत्कालीन सीडीओ जग प्रवेश ने की और इसे आईसीडीएस निदेशक व प्रमुख सचिव को भेजकर निलंबन की संस्तुति की। इसके बाद कृष्ण चंद्र को निलंबित कर शाहजहांपुर अटैच किया गया और मुख्यालय के उप निदेशक को जांच अधिकारी बनाया गया।
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हाल ही में वीडियो को जांच के लिए लैब भेजा गया, लेकिन लैब ने यह कहते हुए वापस कर दिया कि वे केवल कोर्ट या पुलिस से भेजे गए मामलों की जांच करते हैं। इसी दौरान डीपीओ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अब तक आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज ही नहीं कराई गई। निदेशक के सख्त निर्देश के बाद डीएम अविनाश सिंह ने डीपीओ को तुरंत मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं।