स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में 01 से 31 दिसंबर तक ‘टीका उत्सव’ मनाया जाएगा। इस दौरान मुख्य लक्ष्य नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें सभी आवश्यक टीके लगाए जाएंगे। टीका उत्सव के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ टीकाकरण की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राधा वल्लभ ने बताया कि टीकाकरण बच्चों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाता है। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि सभी लोग इस उत्सव में सक्रिय रूप से शामिल हों और अपने बच्चों को पूर्ण टीकाकरण करवाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में भागीदार बनें। सीएमओ ने कहा कि आसपास ऐसे बच्चों को पहचानें जो किसी कारणवश टीकाकरण से वंचित रह गए हैं, और उनके अभिभावकों को प्रेरित करें कि वे सत्र स्थल तक पहुंचें और टीका लगवाएं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रोहितास सिंह ने बताया कि दिसंबर में चलने वाले इस विशेष उत्सव के दौरान 15,543 पेंटा 111741 एमआर-1 तथा 22,870 एमआर-2 टीकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के दौरान सभी नियमित टीकाकरण सत्रों में विशेष रूप से उन बच्चों को शामिल किया जाएगा जो किसी भी टीके से छूटे हुए हैं।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की विशेष सूची तैयार करेंगी। सत्र शुरू होने से एक दिन पूर्व वे अभिभावकों को बुलावा पर्ची देंगी और निर्धारित दिन उन्हें सत्र स्थल तक लाकर टीकाकरण कराएंगी। इसके अतिरिक्त, महिला आरोग्य समिति की विशेष बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें उन माताओं को बुलाया जाएगा जिनके बच्चों का पूर्ण टीकाकरण अभी तक नहीं हो पाया है। इन बैठकों में टीकों के लाभ और बीमारियों से बचाव के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
टीका उत्सव का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक बच्चे तक प्रतिरक्षण सेवाएं पहुंचाना, स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाना और संपूर्ण टीकाकरण कवरेज को बढ़ाना है।