Friday, January 30, 2026

Bareilly News: ब्रेन स्ट्रोक का मुख्य कारण तनाव और अनियंत्रित ब्लड प्रेशर

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: November 30, 2025

Bareilly News: ब्रेन स्ट्रोक का मुख्य कारण तनाव और अनियंत्रित ब्लड प्रेशर

जागरण टुडे, बरेली

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) बरेली का वार्षिक अधिवेशन यूपीकान का शनिवार को शुरू हुआ। उद्घाटन आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल ने किया। इसमें करीब 1000 डॉक्टर  प्रतिभाग करेंगे। अधिवेशन के पहले दिन पद्म श्री डॉ. प्रवीण चंद्रा ने वर्चुअल माध्यम से एंजियोप्लास्टी की एडवांस तकनीक के बारे में बताया। डॉक्टर डॉ. विनय गोयल ने ब्रेन स्ट्रोक का मुख्य कारण स्ट्रेस और ब्लड प्रेशर का अनियंत्रित रहना बताया। कहा कि इसके लक्षण होने पर फौरन कुशल चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें: हर वार्ड में होंगे एक करोड़ से विकास कार्य

आईएमए यूपी के प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि आईएमए भवन सुबह साइंटिफिक सत्रों के आयोजन के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल से आए वरिष्ठ कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ. कार्तिक भार्गव और डॉ. अमित मिस्री ने व्याख्यान दिया। देर शाम को अवार्ड सेरेमनी का आयोजन आईएमए के डोहरा रोड स्थित फार्म में हुआ।

यह भी पढ़ें: भाई ने बहन को बांका से काट डाला

कॉलर सेरेमनी में मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक रहे। इस कार्यक्रम में डॉ सुदीप सरन, डॉ विमल भारद्वाज, डॉ. रवि मेहरा, डॉ राजीव गोयल, डॉ अनूप आर्य, डॉ विनोद पागरानी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव, सचिव डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ आरके, डॉ पुनीत सोंधी, डॉ रजत अग्रवाल, डॉ रितु राजीव, डॉ. शालिनी माहेश्वरी,डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. राशि अग्रवाल, डॉ. मधु गुप्ता, शाहिदा अली, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डा. लईक अहमद अंसारी, डॉ. सुजोए मुखर्जी और डॉ. अनीता अजय की मुख्य भूमिका रही।

कोविड वैक्सीन से कार्डियक अरेस्ट का खतरा नहीं

गुरूग्राम के मेदांता द मेडिसिटी अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिकेय भार्गव ने बताया कि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत के लिए बिल्कुल भी फिक्रमंद नहीं है, जिससे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके साथ ही अनियमित दिनचर्या और नशे का सेवन हृदय रोगी बनाने का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का चलन काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा कनेक्शन हृदय रोग से है। उन्होंने बताया कि कोविड के बाद से कॉर्डियक अरेस्ट के मामलों में वृद्धि जरुर हुई है। लोगों के मन में यह भय है कि कोविड वैक्सीनेशन कराने के बाद से ऐसे मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन यह गलत है। वैक्सीनेशन का कार्डियक अरेस्ट में कोई रोल नहीं है। कई स्टडी में यह बात पुष्ट भी हुई है।

पल्मोनरी आर्टरी डिसीज का आरंभ जन्म के बाद से ही हो जाता है। इसलिए बच्चों का इससे बचाव रखने के लिए बच्चों को अधिक मात्रा में घी या तला, भुना खाना नहीं देना चाहिए जो वजन बढ़ा सकता है। यह भविष्य में हृदय संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ाता है।

40 की उम्र के बाद हर साल कराएं हृदय की जांच

यूपीकान में बतौर फैक्ल्टी शामिल हुए गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित मिस्री ने बताया कि बच्चे में अगर जन्मजात हृदय रोग की समस्या है तो उसके लक्षण को पहचाने। बताया कि अगर बच्चे के होंठ नीले पड़े, दूध पीते समय पसीना आए, सीने में दर्द रहता हो व चलने फिरने में समस्या हो तो फौरन कुशल चिकित्सक की सलाह लें। वहीं कुछ ऐसी हृदय की बीमारियों भी हैं जिनका पता 30 साल के बाद तक पता नहीं लगता है इसलिए हर व्यक्ति को 40 साल की उम्र के बाद रुटीन जांचों की तरह ईको और ईसीजी की जांच अवश्य करानी चाहिए।

No ads available.

Get In Touch

BDA COLONY HARUNAGLA, BISALPUR ROAD BAREILLY

+91 7017029201

sanjaysrivastav1972@gmail.com

Follow Us

© 2026 Jagran Today. All Rights Reserved.