वृंदावन में महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक स्व. राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के 139वें जन्मदिवस पर ‘प्रेम धर्म-पदयात्रा’ निकाली गई। राजा साहब को भारत रत्न सम्मान देने की मांग को लेकर आयोजित इस पदयात्रा का नेतृत्व उनके प्रपौत्र कुंवर चरत प्रताप सिंह ने किया। पदयात्रा परिक्रमा मार्ग स्थित केसी घाट से शुरू होकर समाधि स्थल तक पहुँची, जहाँ बड़ी संख्या में समर्थकों ने राजा साहब को श्रद्धांजलि दी।
कुंवर चरत प्रताप सिंह ने राजा साहब के राष्ट्रनिर्माण में योगदान—1909 में वृंदावन में देश का पहला पॉलिटेक्निक प्रेम महाविद्यालय स्थापित करना, स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका, 1915 में काबुल में प्रोविजनल गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की स्थापना और 1957 में मथुरा से सांसद चुने जाने—को स्मरण किया। पदयात्रा में ललित चौधरी, अरविंद चौधरी और डॉ. जे.एस. जाट सहित कई सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।