निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 530-बी पर अंडरपास की मांग तेज होती जा रही है। सोमवार को विधारी नगला, अन्हुआ नगला, छावनी, नगला कटा और दानियारगंज के ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अंडरपास निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे तैयार होने के बाद यदि सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं हुआ तो जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा।
ग्रामवासियों ने बताया कि हाइवे के दोनों ओर उनकी कृषि भूमि स्थित है। वर्तमान में सड़क पार करने के लिए कोई सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं है, जिससे ट्रैक्टर, पशुधन और छोटे बच्चों को लेकर सड़क पार करना बड़ा खतरा बन सकता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच हाईवे क्रॉस करना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा रहेगा। कई परिवारों की जमीन दोनों ओर बंटी होने के कारण दैनिक कृषि कार्य बाधित होंगे और भविष्य में बड़े हादसों की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि अंडरपास का निर्माण नहीं कराया गया तो खेतों तक पहुंचने, पशु चराने, पानी ले जाने, यहां तक कि बच्चों और महिलाओं के आवागमन में भी गंभीर दिक्कतें उत्पन्न होंगी। हाईवे के कारण गांवों के बीच संपर्क टूट जाएगा और लोग सुरक्षित रूप से आवागमन नहीं कर पाएंगे। इसलिए अंडरपास स्वीकृत कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करना अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि जनहित में निर्णय लेते हुए अंडरपास का निर्माण कराया जाए, ताकि सभी को सुरक्षित और सुगम मार्ग मिल सके। उन्होंने कहा कि यह मांग वर्षों से चली आ रही है और अब हाईवे निर्माण के अंतिम चरण में पहुंचने पर समस्या और अधिक गंभीर प्रतीत हो रही है।
प्रार्थना-पत्र सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से — कुलावरीलाल, जगदीश प्रसाद, नेमसिंह, कमला देवी, पोरखपाल, राकेश कुमार, कुमपाल, रामप्रकाश, वीरेन्द्र सिंह, बनवारी लाल, मनोज कुमार, अमित कुमार, चन्द्रमान, अजय कुमार, मुकेश कुमार, धर्मपाल, ललित, दिलोड़, पुष्पेंद्र कुमार, कामेश्वर सिंह, अनार सिंह, ममता, सुन्नालाल, डारीलाल, लखेन्द्र कुमार, जयप्रकाश, लेखपाल सिंह, भालबहादुर आदि ग्रामीण शामिल रहे।