विश्वभर में 3 दिसंबर को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर मथुरा रिफाइनरी ने भी विशेष क्षमताओं वाले अपने कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देना और उन्हें नई ऊंचाइयों की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल ने कहा कि रिफाइनरी में विशेष क्षमताओं वाले कर्मचारियों की एक मजबूत टीम कार्यरत है, जिनकी लगन और मेहनत ने रिफाइनरी को नए मुकाम पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “विकलांगता मन की एक अवस्था है, लेकिन यह किसी की प्रगति को रोक नहीं सकती। हमारे बीच कई ऐसे साथी हैं, जो अपनी चुनौतियों को पार कर अपने काम से प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। जिस भावना और ऊर्जा के साथ आप सभी दायित्व निभाते हैं, वह प्रशंसनीय है और रिफाइनरी आपके योगदान के लिए आभारी है।”
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर रवींद्र यादव, सचिव – ऑफिसर्स एसोसिएशन, तथा हरीश पहल, मथुरा रिफाइनरी कर्मचारी संघ, ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत, रिफाइनरी के कुछ विशेष योग्यता वाले कर्मचारी स्वामी रामभद्राचार्य दृष्टिबाधित संस्थान, फरह पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर अपने जीवन के अनुभव और इंडियनऑयल में अपनी पेशेवर यात्रा साझा की। उनके अनुभवों ने छात्रों को अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया।
रिफाइनरी प्रबंधन की ओर से दीपचंद वर्मा, महाप्रबंधक (कर्मचारी सेवाएं, प्रबंधन सेवाएं, विकास एवं अधिगम), भी इस अवसर पर मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के प्रति रिफाइनरी की सकारात्मक प्रतिबद्धता बताया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि चुनौतियों के बावजूद हर व्यक्ति में अद्भुत क्षमता होती है, और अवसर मिलने पर वह असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है।