Tuesday, March 31, 2026

मथुरा न्यूज: बाल श्रम कराया तो होगी कड़ी कार्यवाही : सीडीओ

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: December 10, 2025

मथुरा न्यूज: बाल श्रम कराया तो होगी कड़ी कार्यवाही : सीडीओ

जागरण टुडे, मथुरा

जिलाधिकारी मथुरा के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मनीष मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति, जिला ट्रांसपोर्ट बाल श्रम समिति तथा जिला स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986, यथा संशोधित 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।

सहायक श्रमायुक्त एम.एल. पाल ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अधिनियम से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का नियोजित कार्य कराना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर 20,000 से 50,000 रुपये तक के जुर्माने, 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास अथवा दोनों दंड का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर एक से 15 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जनपद में कार्यरत बाल श्रमिकों को कार्य से मुक्त कर पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 16 प्रतिष्ठानों से 19 बाल श्रमिकों को मुक्त कर सेवायोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।

सीडीओ मनीष मीणा ने निर्देश दिए कि चिन्हित बाल श्रमिकों को शीघ्र विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अभियान अवधि में अधिक से अधिक बाल श्रमिकों की पहचान कर उनका आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक पुनर्वास कराया जाए। शासन का लक्ष्य 2027 तक जनपद को पूर्णत: बाल श्रम मुक्त बनाना है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वय से कार्य करें।

जिला टास्कफोर्स (बाल श्रम) के नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार ने बंधुआ मजदूरी से संबंधित लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित कराने हेतु सभी उप जिला मजिस्ट्रेटों को बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में ईंट-भट्ठा एसोसिएशन के महामंत्री भानु प्रकाश वार्ष्णेय ने भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी अजय सक्सेना ने उद्योगों में बाल श्रम न कराए जाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जिसे हर हाल में समाप्त किया जाना चाहिए।

बैठक में उद्योग, समाज कल्याण, प्रोबेशन, पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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