जागरण टुडे, कासगंज।
ढोलना थाना क्षेत्र के गांव अथ्थैया में एटीएस स्कूल के पीछे लंबे समय से अवैध रूप से तारकोल (कोलतार) तैयार कर उसका गोरखधंधा चल रहा था। शुक्रवार को लखनऊ से आई एटीएफ (एंटी टेररिस्ट फोर्स) की टीम ने कासगंज जिलाधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ और भारी मात्रा में तारकोल से भरे टैंकर बरामद किए गए। इस मामले में ढोलना थाना में 10 नामजद सहित 11 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एटीएफ लखनऊ के प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह के नेतृत्व में टीम में उप निरीक्षक अशोक कुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल रुद्र नारायण उपाध्याय सहित अन्य सदस्य शामिल थे। छापेमारी के दौरान ढोलना थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन सिंह यादव की पुलिस टीम तथा कासगंज आपूर्ति विभाग के अधिकारी बृजेश पाल भी मौके पर मौजूद रहे।
छापे के दौरान फैक्ट्री परिसर में चार टैंकर खड़े मिले, जिनमें तारकोल भरा हुआ था। बरामद टैंकरों के नंबर आरजे 11 जीसी 1863, यूपी 82 एटी 3635, यूपी 86 एटी 2562 तथा यूपी 50 सीआरजी 9436 बताए गए हैं। मौके पर मौजूद टैंकर चालक विक्रम पुत्र सोरन सिंह निवासी ग्राम बेरी, थाना फरह, जनपद मथुरा ने पूछताछ में बताया कि वह तारकोल भरकर नेपाल ले जा रहा था।
जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में अवैध तरीके से तारकोल तैयार किया जा रहा था। यहां हेलो प्लास्टिक के कटान में स्टोन डस्ट मिलाकर मशीनों के माध्यम से कोलतार तैयार किया जाता था। इस तैयार तारकोल को फैक्ट्री संचालक द्वारा सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को बेचा जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था।
इस मामले में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें चंद्रपाल, विक्रम, जिग्नेश, उमेश, प्रदीप, धीरेंद्र जाट, कमल सिंह, रोहित सिंह, अभिनेश सिंह और महिपाल शामिल हैं। इसके अलावा 11 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद आरोपी मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, कानपुर और कासगंज जनपदों के निवासी बताए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और एटीएफ की संयुक्त टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध तारकोल की सप्लाई किन-किन ठेकेदारों और राज्यों में की जा रही थी तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।