26 सितंबर को हुए बवाल से पहले बेग बरातघर में हुई थी मौलाना तौकीर के समर्थकों की बैठक
समाजवादी पार्टी के शासन काल में सपा नेता ने दबंगई के बल पर लोगों से जबरन जमीन लेकर बरातघर बनाया था। इसी बरातघर में 26 सितंबर को हुए उपद्रव से पहले आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की थी। मामले का खुलासा होने पर अब बीडीए की टीम ने पूर्व पार्षद वाजिद बेग का बेग बरातघर बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
आई लव मुहम्मद के पोस्टर हटाने के विरोध में 26 सितंबर को शहर में जमक बवाल हुआ था। तौकीर रजा के बुलावे पर एकत्र हुई भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव किया और फायरिंग की थी। इसमें 22 पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इसके बाद से आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है। फरीदापुर चौधरी में पूर्व सपा पार्षद वाजिद बेग के बेग बरातघर में बवाल से पूर्व 19 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा की मौजूदगी में समर्थकों की बैठक हुई थी। आरोप है कि इसी बैठक में शहर में बवाल कराने की रणनीति तैयार की गई थी। इस बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद ही बेग बरातघर प्रशासन और बीडीए के रडार पर आया था। बिना नक्शा पास कराए बने बेग बरातघर को बीडीए ने दो माह पूर्व अक्तूबर में नोटिस जारी किया था। इसके बाद मंगलवार से बेग बरातघर के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई।
बीडीए की टीम पहले दिन बरातघर का 60 प्रतिशत हिस्सा तोड़ पाई थी। इसलिए बुधवार दूसरे दिन भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। पूर्वाह्न 11 से शाम 5 बजे तक बीडीए के चार बुल्डोजरों ने बेग बरातघर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बरातघर का कुछ नीचे का हिस्सा टूटने से रह गया, जिसे मजदूरों से गिरवाया जाएगा।
बरातघर ध्वस्त करने में हांफे सात बुलडोजर
ध्वस्तीकरण से पूर्व ही पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां बीडीए की तीन टीमों के साथ ही पीएसी की दो और प्रशासन की टीम पूरी कार्रवाई के दौरान तैनात नजर आई। वहीं करीब 1200 वर्ग क्षेत्रफल में बने इस दो मंजिला बरात घर को ढहाने में बीडीए के सात बुलडोजर भी हांफ गए। मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान जहां दो बुलडोजर के पंजे टूट गए, वहीं बुधवार को एक पोकलेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई।
बरातघर पर बुलडोजर चले तो घरों छतों पर जुटी दर्शकों की भीड़
फरीदापुर चौधरी मेंसपा के पूर्व पार्षद और मौलाना तौकीर रजा के करीबी वाजिद बेग के बेग बरातघर पर बुलडोजर चलने के दौरान आसपास के घरों की छतों पर भीड़ जुटी रही। इनमें वो लोग भी शामिल थे, जिनसे सपा बरातघर बनाने के लिए जबरन जमीन ली गई थी।
सूत्रों का कहना है कि जब बेग बरातघर का निर्माण किया गया उस दौरान प्रदेश में सपा की सरकार थी, और वाजिद बेग पार्षद था। तब सत्ता का दबाव बनाकर बरातघर बनाने के लिए लोगों से औने-पौने में जमीद खरीद ली गई। जिन लोगों ने जमीन देने से मना किया उनसे जबरन ले ली गई थी। बताते हैं कि बेग बरातघर पर बुलडोजकर कार्रवाई होते देख वो लोग मन ही मन खुश थे, जो वाजिद बेग की नेतागीरी से परेशान रहे।
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों में दोनों ही दिन चर्चा का माहौल गर्म रहा। लोग दबी जुबान में बस यही कह रहे थे कि मौलाना तौकीर के साथ वाजिद बेग की बैठक का ही परिणाम है कि करोड़ों रुपये से बने बरातघर को बीडीए ने मिट्टी में मिला दिया। भले ही बीडीए अफसर इसे अवैध होने की बात कह रहे हैं। बेग बरातघर पर मंगलवार को बीडीए की टीम के पहुंचने से पहले ही भारी पुलिस ने इलाके में आवागमन को बंद कर दिया था, पुलिस के भय से कम ही लोग इस कार्रवाई को देखने के लिए घरों से निकलें, लेकिन बुधवार को घरों की छतों से पुरुष, महिलाओं के साथ बच्चों ने सुबह से लेकर शाम तक इस कार्रवाई को देखा।
बेग बरातघर का प्राधिकरण से नक्शा पास न होने पर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। पूर्व में नोटिस जारी कर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई थी। नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।- दीपक कुमार, संयुक्त सचिव, बीडीए