Tuesday, March 31, 2026

फर्जीवाड़ा : स्टूडेंट वीजा आवेदन में देते थे फर्जी वेबसाइट का यूआरएल

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: December 28, 2025

फर्जीवाड़ा : स्टूडेंट वीजा आवेदन में देते थे फर्जी वेबसाइट का यूआरएल

महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट बनाने वाले बीटेक पास ने किया खुलासा

जागरण टुडे, बरेली

महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी स्टूडेंट वीजा तैयार करके ठगी का धंधा शुरू किया गया था। मास्टर माइंड बीटेक पास है और कोई काम धंधा नहीं करता है। उसने सहयोगी के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। विश्वविद्यालय के हॉस्टल आदि से विदेश जाने के इच्छुक छात्रों को पकड़ते थे। स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करते समय फर्जी वेबसाइट का यूआरएल देते थे, जिससे वेरिफिकेशन के दौरान उन्हीं से संपर्क किया जाता था और वह उसे वेरिफाई कर देते थे।

इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी रुद्रपुर टांजिट कैंप निवासी सुजय राय ने पूछताछ में बताया कि वह बीटेक पास है। उसका किसी व्यवसाय में मन नहीं लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात रामपुर निवासी धर्मेन्द्र कुमार से हुई और दोनों ने मिलकर फर्जी वेबसाइट बनाई जो ऑरिजनल वेबसाइट से मेल खाती थी। वेबसाइट को बनाने का मुख्य मकसद विदेश जाने के इच्छुक लोगों को स्टूडेंट वीजा तैयार कर और उनसे मोटा पैसा कमाना था।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि पहले तो वे एमजेपीआरयू जैसी दिखने वाली फर्जी मार्कशीट एवं अन्य कोर्स की डिग्री तैयार करते हैं और फिर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करते समय एम्बेसी में विश्वविद्यालय की बेवसाइट के रूप में अपनी फर्जी वेबसाइट का यूआरएल दे देते हैं। वेरिफिकेशन के समय संबंधित संस्थाएं रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नाम पर हमसे संपर्क करती हैं। इस तरह हम उन्हें स्टूडेंट वीजा बनाकर विदेश भेज देते हैं, जिसके बदले में वह अच्छा पैसा कमा रहे थे।

उसने बताया कि वह ऑरिजनल मार्कशीट और प्रमाण पत्र के सादृश्य फर्जी मार्कशीट व प्रमाण पत्र बनाने के लिए अक्सर रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से हॉस्टल या कहीं अन्य स्थान पर मिलकर उनके ऑरिजनल सर्टिफिकेट आदि को ध्यान से देखकर या उसका फोटो मोबाइल में लेकर रखते हैं।

बारादरी थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि कितने छात्रों को फर्जी स्टूडेंट वीजा के जरिये विदेश भेजा जा चुका है। इस गिरोह के साथ और भी लोग जुड़े थे। विश्वविद्यालय का कोई कर्मचारी भी इस फर्जीवाड़े में शामिल था या नहीं। इस सभी बिंदुओं पर जांच के साथ ही फरार आरोपी धर्मेन्द्र कुमार निवासी कनकपुर, थाना खजुरिया जनपद रामपुर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

इस तरह हुआ फर्जी वेबसाइट का खुलासा

रुहेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट का पता 10 दिसंबर को चला। चीफ प्रॉक्टर ने आईटी सेल से पूछा कि उन्होंने कुछ सूचनाएं वेबसाइट पर अपलोड कराई थीं, लेकिन अब दिख नहीं रही हैं। इस पर वेबसाइट चेक करके देखी गई तो पता चला कि फर्जी वेबसाइट बनी हुई है। इसके बाद कुलसचिव को सूचना दी गई। कुलसचिव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस ने जब आरोपी का पता लगा लिया तो रिपोर्ट दर्ज कर ली।

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