जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद कासगंज में 26 दिसंबर को रामछितौनी बंबा के पास मिले युवती के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। मृतका की पहचान शबनूर पत्नी जाविर निवासी ग्राम पचपोखरा थाना गंजडुंडवारा के रूप में हुई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने शबनूर की मां यासमीन सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि मां ने अपने अवैध संबंधों को उजागर होने के डर से ही बेटी की हत्या कराई थी।
पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 26 दिसंबर को थाना सुन्नगढ़ी क्षेत्र के रामछितौनी बंबा के पास एक महिला का शव मिला था। शव के पास मिले एक कागज पर नाम और पता लिखे होने से शिनाख्त संभव हो सकी। मृतका शबनूर की मां यासमीन पत्नी इकरार निवासी मोहल्ला बीच थोक भरगैन थाना पटियाली ने शुरुआत में पति जाविर, ससुर सत्तार, चचिया ससुर जुबैर, देवर रहमतुल्ला और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच की जिम्मेदारी सहावर क्षेत्राधिकारी शाहिदा नसरीन को सौंपी। गहन विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और बयान के आधार पर मामले में बड़ा मोड़ सामने आया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शबनूर की हत्या उसकी मां यासमीन के इशारे पर कराई गई थी।
पुलिस के अनुसार यासमीन के अपने ही समधि रहीश अहमद निवासी उझानी जिला बदायूं से अवैध संबंध थे। शबनूर को इन संबंधों की जानकारी हो गई थी और उसे डर था कि वह यह बात अपने पिता को बता देगी। इसी भय के चलते यासमीन ने रहीश अहमद के साथ मिलकर बेटी की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिलवाया।
पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में यासमीन और रहीश अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है। मामले के सफल अनावरण पर पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।