जनपद बरेली के तहसील क्षेत्र के ग्राम नरखेड़ा से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक विधवा महिला को उसके ही गाँव के दबंग सहखातेदारों ने इस कदर बेबस कर दिया कि बेटी की शादी के सपने भी टूटते नजर आ रहे हैं। पति की मौत के बाद अकेली पड़ी महिला अब अपनी ही पैतृक भूमि के लिए न्याय की भीख माँगने को मजबूर है।
ग्राम नरखेड़ा निवासी मोहनदेई पत्नी स्वर्गीय अजय सिंह ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मीरगंज को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई है। पीड़िता ने बताया कि कुछ समय पूर्व उसके पति का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियाँ पूरी तरह उसके कंधों पर आ गईं। आर्थिक हालात बेहद खराब हैं और बेटी का रिश्ता तय हो चुका है, लेकिन विवाह के लिए जरूरी खर्च जुटाना उसके लिए असंभव हो गया है।
पीड़िता का आरोप है कि उसकी पैतृक भूमि पर सहखातेदार धीर सिंह और सचिन ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जब वह अपनी जमीन खाली कराने या बेचने की बात करती है तो आरोपी उसे खुलेआम धमकाते हैं। मोहनदेई के अनुसार दबंग यह कहकर उसका मजाक उड़ाते हैं—
“विधवा है, अकेली है, क्या कर लेगी?”
कब्जे के चलते महिला को अपनी ही जमीन पर अधिकार नहीं मिल पा रहा है, जिससे बेटी की शादी अधर में लटक गई है। पीड़िता ने एसडीएम से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दबंगों के अवैध कब्जे को हटवाया जाए, ताकि वह अपनी बेटी का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कर सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मीरगंज ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन इस बेबस माँ को कब तक न्याय दिला पाता है, या फिर दबंगों की हनक कानून पर भारी पड़ जाएगी।