मथुरा में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत प्रशासन ने सख्त और व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, जिसे इस बार “जीरो फेटेलिटी माह” के रूप में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को न्यूनतम करना और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
एआरटीओ ने ट्रक चालकों को समझाए ट्रैफिक नियम
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 4 जनवरी को एआरटीओ राजेश राजपूत के निर्देशन में यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी द्वारा ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों एवं चालकों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में चालकों को यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने, एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का ध्यान रखने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। पीटीओ ने लंबी दूरी की यात्रा के दौरान दो चालकों को रखने तथा कोहरे के समय यात्रा से बचने की सख्त हिदायत भी दी।
कोहरे में वाहन चलाते समय बेहद सावधानी बरतें
5 जनवरी को एआरटीओ राजेश राजपूत द्वारा एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीडिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 79 वाहनों के चालान किए गए। टोल प्लाजा पर चालकों को गति सीमा का पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। एआरटीओ कार्यालय, टाउनशिप मथुरा में फिटनेस कराने आए वाहन स्वामियों, चालकों और आगंतुकों को पंपलेट वितरित कर सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। कोहरे में यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
वैष्णो देवी मंदिर के पास अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना की अध्यक्षता में जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्देश दिए गए कि वृंदावन क्षेत्र में वैष्णो देवी मंदिर के पास अनाधिकृत रूप से संचालित ई-रिक्शा को परिवहन और यातायात पुलिस द्वारा निरुद्ध किया जाएगा तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। पुलिस कर्मियों की रोटेशन के आधार पर ड्यूटी भी लगाई जाएगी। साथ ही यीडा और एनएचएआई अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट्स पर मानक के अनुरूप स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के लिए विशेष कैंप लगाने और स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।