कांग्रेस कमेटी सेठबाड़ा स्थित कार्यालय से जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता RSS मुखिया मोहन भागवत को राष्ट्रीय ध्वज एवं संविधान की प्रति सौंपने के लिए निकले। जुलूस को पुलिस ने रास्ते में बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरिकेडिंग हटाकर होली गेट पर नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि मोहन भागवत द्वारा RSS को रजिस्टर्ड संस्था न बताकर व्यक्तियों का समूह कहे जाने वाला बयान गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा करने वाले संगठन अपनी गतिविधियों को सार्वजनिक रखते हैं, जबकि गुप्त तरीके से काम करने वाले संगठन अंडरग्राउंड प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। मुकेश धनगर ने 27 फरवरी 1948 को सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि RSS को गुप्त संगठन मानते हुए तब उस पर प्रतिबंध लगाया गया था, क्योंकि उसके पास न तो सदस्यों का रिकॉर्ड था और न ही कोई रजिस्टर।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद RSS से जुड़े लोगों द्वारा राष्ट्रीय तिरंगे का अपमान किया गया और संविधान की प्रतियां तक जलाई गईं। आज भाजपा सरकार के संरक्षण में अपार संपत्ति से फाइव स्टार जैसे कार्यालय बनाए जा रहे हैं, जो गरीब किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।
पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने कहा कि देश बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान से चलेगा, न कि किसी एक व्यक्ति या संगठन की विचारधारा से। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करता रहेगा।