ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के साथ हो रहे कथित शोषण को लेकर समाजवादी पार्टी बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महानगर अध्यक्ष रमेश सैनी के नेतृत्व में समाजवादियों का प्रतिनिधिमंडल भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंचा और सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी से वार्ता कर सात सूत्रीय खुला मांग पत्र सौंपा।
समाजवादियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन प्रशासन द्वारा रूट वितरण और यातायात नियमों की आड़ में गरीब ई-रिक्शा व ऑटो चालकों का सामाजिक, मानसिक, आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मनचाहा रूट देने के नाम पर तीन हजार रुपये सहित की जा रही अवैध वसूली को तत्काल बंद किया जाए और इसमें लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी विभागीय कार्रवाई हो।
मांग पत्र में कहा गया कि यात्रियों को बैठाने-उतारने के लिए जब तक पार्किंग स्टैंड और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक नगर निगम द्वारा टैक्स वसूली पूरी तरह गैरकानूनी है। इसके अलावा पुलिस द्वारा चालान के नाम पर की जा रही अवैध वसूली और उत्पीड़न पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई गई।
सपाइयों ने स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर ई-रिक्शा चालकों से जबरन वसूली करने वाले असामाजिक तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। साथ ही ब्रज दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए चालकों की गहन जांच कर विशेष ब्रज दर्शन रूट तय करने और नगर निगम द्वारा पहचान पत्र जारी करने की भी मांग की गई।
इसके अलावा पूर्व में कथित कंपनियों और अन्य लोगों द्वारा ई-रिक्शा चालकों से की गई वसूली की जांच कर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग भी उठाई गई। वार्ता के दौरान रमेश सैनी के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी समेत कई समाजवादी नेता मौजूद रहे। समाजवादियों ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।