स्वामी विवेकानंद जयंती पर उनका स्मरण कर युवाओं से उनके विचार पर मंथन कर आत्मसात करने की बात दोहराई है। अध्यक्ष संजय सक्सेना ने कहा कि विवेकानंद का कहना था कि उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक आपको अपनी मंजिल प्राप्त नहीं हो जाए। कायस्थ चेतना मंच के सदस्यों ने अध्यक्ष संजय सक्सेना के साथ विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया ।
वक्ताओं ने कहा कि विवेकानंद जी ने विश्व पटल पर शिकागो में दिए दो घंटे 48 मिनट के संबोधन की शुरुआत भाइयों बहनों से की थी जिस पर सभागार में कई मिनट तक वहां बजी तालिया आज भी इतिहास में दर्ज है। विवेकानंद जी कि कहा इस सभागार में यहां गीता सभी ग्रंथों में सबसे नीचे रखी है । इसका तात्पर्य है कि सभी ग्रंथों का भार उठाने की क्षमता केवल गीता में ही है। आज विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में देश भर में मनाई जाती है। उपस्थित लोगों ने विवेकानंद जी के विचारों को साझा किया। इस अवसर पर संजय सक्सेना, अखिलेश सक्सेना, निर्भय सक्सेना, वी के सक्सेना, उन्मुक्त संभव शील आदि उपस्थित रहे।