समाज के सभी वर्गों के बीच की खाई को पाटने और जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के आदेशानुपालन में 6 जनवरी 2026 को तहसील बिसौली के विकास खंड आसफपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत आसफपुर फकावली, सीकरी एवं लक्ष्मीपुर में तीन लीगल एड क्लीनिकों का संचालन किया गया। इसके साथ ही विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
शिविर का शुभारंभ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ शिव कुमारी द्वारा रिबन काटकर किया गया। उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित न रह जाए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला मिशन समन्वयक, जिला प्रोबेशन कार्यालय बदायूँ से छवि वैश्य ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन को दी। इसके पश्चात सखी वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर प्रतीक्षा मिश्रा ने बाल विवाह रोकथाम से संबंधित शपथ दिलाई और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
नायब तहसीलदार बिसौली सिरजन यादव ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री बीमा योजना, दैवीय आपदा योजना एवं अन्य राजस्व संबंधी विषयों पर जागरूक किया। वहीं आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र आसफपुर के चिकित्सक डॉ. हिमांशु कुमार ने आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण और पोलियो अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में शिव कुमारी ने बताया कि प्रत्येक तहसील में पांच दूरस्थ ग्राम पंचायतों में लीगल एड क्लीनिकों के माध्यम से सीएससी, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, समूह सखी, ग्राम प्रधान एवं पंचायत सहायकों के सहयोग से नियमित रूप से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने नालसा और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों, नए कानूनों, पोक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा अधिनियम, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों एवं टोल फ्री नंबर 112, 1090, 1076, 15100 की जानकारी दी।
साथ ही 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत और 1 से 31 जनवरी 2026 तक चलने वाले राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक मामलों के सुलह-समझौते से निस्तारण का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान, पंचायत कर्मी, पराविधिक स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अध्यक्ष की अनुमति से शिविर का समापन किया गया।