बरेली जनपद के मीरगंज थाना क्षेत्र के सिंधौली गांव निवासी 22 वर्षीय मुस्लिम युवती अंजुम बी ने अपने प्रेमी मोनू वर्मा से विवाह कर सनातन धर्म अपना लिया। विवाह के उपरांत अंजुम ने अपना नाम बदलकर अंजलि रख लिया। दोनों ने बुधवार 25 जनवरी को बरेली के एक प्रसिद्ध शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।
जानकारी के अनुसार 34 वर्षीय मोनू वर्मा लुधियाना स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं, जबकि अंजुम पहले कारचोबी का कार्य करती थीं। दोनों की मुलाकात करीब पांच वर्ष पूर्व एक साझा मित्र के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई और दोनों ने साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
बताया गया कि अलग-अलग धर्मों से होने के कारण जब उनके रिश्ते की जानकारी परिजनों को हुई तो दोनों को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों की सहमति न मिलने के बाद दोनों ने स्वेच्छा से विवाह करने का निर्णय लिया।
मंदिर में विवाह से पूर्व अंजुम ने गंगाजल ग्रहण किया तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच गायत्री मंत्र का पाठ किया। मंदिर के पुजारी द्वारा शुद्धिकरण की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसके बाद अंजुम ने सनातन धर्म स्वीकार करते हुए अपना नाम अंजलि रखा। विवाह के दौरान पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए गए। मोनू ने अंजलि के गले में मंगलसूत्र बांधा और मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
अंजलि ने बताया कि उसे हिंदू धर्म की परंपराएं, सादगी और संस्कार लंबे समय से आकर्षित करते रहे हैं और यह निर्णय उसने पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया है। वहीं, दंपती ने किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका जताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल दोनों बरेली से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर रह रहे हैं।