गुड्डू यादव,
सोरों (कासगंज)।
सोरों नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार का बोलबाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे हैं कि कमिश्नर और जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की जा रही है। सभासदों की शिकायत के बाद बड़े बाबू का कार्य देख रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जयप्रकाश को हटाकर टेक्स कलेक्टर शैलेन्द्र कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
प्रशासनिक आदेशों का औपचारिक पालन करते हुए कागजों में तो जयप्रकाश से कार्यभार लेकर शैलेन्द्र कुमार को सौंप दिया गया, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी पूरे कार्यालय का संचालन जयप्रकाश ही कर रहे हैं। कार्यालय में बैठकर फाइलों का निस्तारण, कर्मचारियों को निर्देश देना और अन्य महत्वपूर्ण कार्य वही संभाल रहे हैं, जबकि नामित अधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिर्फ कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार का यह जाल इतना मजबूत है कि उच्चाधिकारियों के आदेश भी यहां असर नहीं दिखा पा रहे हैं। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि शासन की मंशा पर भी उंगली उठ रही है। नगर पालिका में व्याप्त इस अव्यवस्था से आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सभासद विष्णुकांत तिवारी ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने नगर पालिका कार्यालय के भीतर की स्थिति का लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि किस तरह आदेशों की अवहेलना की जा रही है। वीडियो के वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया है।
सभासद विष्णुकांत तिवारी ने मांग की है कि सोरों नगर पालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह भ्रष्टाचार और भी गहराता जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है।