सोरों क्षेत्र के प्रसिद्ध लहरा गंगा घाट पर शुक्रवार की मध्यरात्रि अराजकता फैलाने वाली घटना सामने आई। अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने घाट किनारे लगी बांस-बल्लियों की अस्थाई दुकानों को उलट-पलट कर क्षेत्र की शांति भंग कर दी। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह उस समय हुई, जब दुकानदार रोज़ की तरह अपने प्रतिष्ठानों पर पहुंचे। बिखरी हुई दुकानों और अस्त-व्यस्त सामान को देखकर दुकानदारों में भारी रोष और भय व्याप्त हो गया।
लहरा गंगा घाट इन दिनों श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के चलते बेहद संवेदनशील बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण यहां अस्थाई दुकानों की कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में रात के अंधेरे में हुई इस हरकत ने दुकानदारों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानदारों ने इसे सुनियोजित शरारत बताते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जगदीश चंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंगा घाट का निरीक्षण कर दुकानदारों से घटना की पूरी जानकारी ली। पुलिस की मौजूदगी में सभी अस्थाई दुकानों को पुनः व्यवस्थित कराया गया और उन्हें एक सीध में लगवाया गया, जिससे घाट की व्यवस्था दोबारा पटरी पर आ सकी।
थाना प्रभारी ने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि मामले को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाट क्षेत्र में रात की गश्त को और सख्त किया जाएगा, ताकि किसी भी अराजक तत्व को दोबारा मौका न मिल सके।
हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी तरह की चोरी या बड़े आर्थिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दुकानों से की गई छेड़छाड़ को पुलिस गंभीरता से ले रही है। पुलिस ने दुकानदारों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की भनक लगे तो तुरंत सूचना दें। लहरा गंगा घाट जैसी धार्मिक और भीड़भाड़ वाली जगह पर इस तरह की घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को सतर्क कर दिया है।