जागरण टुडे, कासगंज। जनपद की तहसील पटियाली क्षेत्र में उर्वरकों की अधिक कीमत पर बिक्री का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कारण यह है कि संबंधित मामलों की प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है। इसको लेकर अब जिला कृषि अधिकारी कासगंज डॉ. अवधेश मिश्र ने कोतवाली पटियाली के थानाध्यक्ष लोकेश भाटी को पत्र भेजकर उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध दर्ज एफआईआर से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
डॉ. अवधेश मिश्र द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि 25 दिसंबर 2025 को तहसील पटियाली क्षेत्र में संचालित उर्वरक प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान मै० शर्मा ट्रेडर्स, नरदोली रोड पटियाली, मै० सचिन ट्रेडर्स, नरदोली रोड पटियाली तथा मै० पटियाली फर्टीलाइजर्स, नरदोली रोड द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 3, 7 एवं 8 का उल्लंघन करते हुए निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरकों की बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई थी।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार प्रथम दृष्टया उल्लंघन पाए जाने के बाद संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की गई थी। हालांकि, इन तीनों मामलों की एफआईआर प्रथम सूचना रिपोर्ट पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है, जिसके चलते उच्चाधिकारियों को समय से सूचना प्रेषित नहीं हो पा रही है। इस स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर रोष भी जताया गया है।
इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी ने अपने अधीन कार्यरत श्री धर्वेंद्र कुमार, प्रभारी राजकीय कृषि भंडार, पटियाली को कोतवाली भेजते हुए अनुरोध किया है कि संबंधित तीनों उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1953 की धारा 3/7 के अंतर्गत दर्ज एफआईआर की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें उच्चाधिकारियों को भेजा जा सके।
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो वह पोर्टल से क्यों गायब है। या फिर कही दोषियों को बचाने का प्रयास तो नही हो रहा है, या फिर कही व्यवस्था के भीतर कोई गंभीर खेल तो नही चल रहा है। जिसको लेकर अब सबकी निगाहे अग्रिम कार्रवाई पर टिकी हैं। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।