राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)2020 के अनुरूप भारत बौद्ध IKS (भारतीय ज्ञान परंपरा) राष्ट्रीय परीक्षा 2026 का आयोजन 31 जनवरी 2026 को देशभर में सफलतापूर्वक किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का उद्देश्य लोकशिक्षा संस्कार को सुदृढ़ करना तथा विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, संवैधानिक मूल्यों और मूल्य आधारित शिक्षा से जोड़ना रहा।
परीक्षा कुलपति प्रो. डॉ. अभिजित मित्र के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इसका संयुक्त आयोजन विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एवं दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली द्वारा किया गया। परीक्षा में विद्यार्थियों के समग्र विकास, नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया गया, जो NEP 2020 की मूल भावना के अनुरूप है।
ब्रज प्रांत में इस परीक्षा के लिए 7 केंद्र बनाए गए। जहां 2,168 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। इनमें उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (डुवासू), मथुरा के विभिन्न महाविद्यालयों से 302 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 226 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की।
परीक्षा का आयोजन डॉ. प्रह्लाद सिंह मंत्री, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, ब्रज प्रांत के पर्यवेक्षण में शांतिपूर्ण, सुचारु और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने परीक्षा में प्रेक्षक (Observer) की भूमिका निभाते हुए व्यवस्थाओं की निगरानी की।
आयोजकों के अनुसार, भारत बौद्ध IKS राष्ट्रीय परीक्षा विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, बौद्धिक परंपरा और नैतिक जीवन मूल्यों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह परीक्षा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ज्ञान, आचरण और संस्कार के समन्वित विकास की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की परीक्षाएं न केवल अकादमिक ज्ञान को मजबूत करती हैं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रबोध, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी विकसित करती हैं।