अंकित पोडित।
सोरों/कासगंज।
फाल्गुन माह के शुभारंभ के साथ ही महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। भगवान शिव के श्रीचरणों में गंगाजल अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की आस्था लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कावड़ियों के जत्थे निकलना शुरू हो गए हैं। गंगा घाटों पर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। किसी को पुत्र रत्न की प्राप्ति तो किसी की मुरादे हुई पूरी, इसलिए वह कावड़ भरने आये है।
इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सीपरी क्षेत्र से आए कावड़ियों के एक जत्थे ने लहरा गंगा जी घाट से विधि-विधान के साथ गंगाजल भरकर अपनी कावड़ यात्रा प्रारंभ की। श्रद्धालु पूरी भक्ति, संयम और नियमों के साथ कावड़ उठाकर अपने निर्धारित शिवालयों की ओर प्रस्थान कर गए। कावड़ यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवा वस्त्र धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
कावंडिए रामवीर लोधी, मध्यप्रदेश,
कावड़ यात्रा में शामिल रामकृष्ण लोधी ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर कावड़ भरने आते हैं। उनका विश्वास है कि भोलेनाथ सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना अवश्य सुनते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। रामबीर सिंह लोधी ने कहा कि भगवान शिव की कृपा से जीवन में कई कठिनाइयों से मुक्ति मिली है, इसलिए वे हर वर्ष कावड़ यात्रा करते हैं।
कावंडिए मदन लाल लोधी, मध्यप्रदेश
कावड़िए मदन लाल ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की थी, जो पूर्ण हुई। इसी कृतज्ञता भाव के साथ वे इस वर्ष कावड़ लेने आए हैं और भोलेनाथ का जलाभिषेक कर धन्यवाद अर्पित करेंगे।
गंगा घाट पर कावड़ियों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, पेयजल और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कावड़ यात्रा के चलते क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है और शिवभक्ति की अलख हर ओर दिखाई दे रही है।