जागरण टुडे, कासगंज।
विकास खंड अमांपुर के प्राथमिक विद्यालय किशोरपुर की प्रधान अध्यापिका श्वेता मिश्रा के असमय निधन से बेसिक शिक्षा विभाग में गहरा शोक व्याप्त है। बुधवार तड़के उनका निधन हो गया। वह लगभग 40 वर्ष की थीं और लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित चल रही थीं। बुधवार सुबह अलीगढ़ स्थित एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षकों, अधिकारियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार, श्वेता मिश्रा का इलाज अलीगढ़ के अस्पताल में चल रहा था, जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया। पारिवारिक सदस्य मनोज सोलंकी ने बताया कि वह बचपन से ही मेधावी थीं और शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी प्रतिभा और समर्पण को देखते हुए वर्ष 2021 में उन्हें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार भी प्रदान किया गया, जिससे उन्होंने जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया।
श्वेता मिश्रा अमांपुर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् रहे मक्खनलाल इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता स्वर्गीय पी.के. मिश्र की चार बेटियों में सबसे छोटी थीं। उनका विवाह डॉ. सत्येंद्र दीक्षित से हुआ था और वह अपने परिवार के साथ कासगंज में निवास करती थीं। उनके निधन को शिक्षा विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
उनके असमय निधन से विद्यालय के सहकर्मी, छात्र-छात्राएं और समूचा शिक्षक समाज शोकाकुल है। प्राथमिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव, महामंत्री मुनेश राजपूत, उपाध्यक्ष अंकित पुंढीर, जिला मीडिया प्रभारी दीपक मिश्र, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश यादव, ब्लॉक मंत्री रुद्र प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि श्वेता मिश्रा का जाना शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति है।
शिक्षक नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की है। पूरे जनपद में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।