अंकित पंडित, सोरों/कासगंज।
श्रावण मास में शिवभक्ति की मिसाल पेश करते हुए टूंडला क्षेत्र के शिव भक्त राजीव चौहान इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। 90 किलो वजनी विशाल कांवड़ को कंधों पर उठाकर वह अकेले ही महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए कठिन यात्रा पर निकले हैं। आस्था, संकल्प और विश्वास की यह यात्रा करीब आठ दिनों में पूर्ण होगी, जिसके बाद वह पीपल वाले महादेव मंदिर में गंगाजल अर्पित करेंगे।
राजीव चौहान ने बताया कि शुरुआत में उनके साथ कई साथी कांवड़ यात्रा पर चलने को तैयार थे, लेकिन रास्ते में एक-एक कर सभी ने उनका साथ छोड़ दिया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अकेले ही कांवड़ उठाकर अपनी यात्रा जारी रखी। उनका कहना है कि “जब महादेव साथ हों, तो किसी और सहारे की जरूरत नहीं होती।”
करीब 90 किलो वजनी कांवड़ को कंधों पर उठाकर पैदल चलना आसान नहीं है। रास्ते में शारीरिक थकान, छाले और मौसम की चुनौतियां आती हैं, लेकिन राजीव की शिव भक्ति हर कठिनाई पर भारी पड़ रही है। हर कदम पर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ वह आगे बढ़ रहे हैं।
राजीव चौहान की यह अनोखी और साहसिक कांवड़ यात्रा जहां क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है, वहीं राह चलते श्रद्धालु और स्थानीय लोग उन्हें देखकर नतमस्तक हो रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों ने उनके लिए जलपान और विश्राम की व्यवस्था भी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जब स्वार्थ के चलते लोग बीच रास्ते साथ छोड़ देते हैं, ऐसे में राजीव चौहान की यह एकाकी कांवड़ यात्रा सच्ची आस्था और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। शिव भक्तों का मानना है कि महादेव अपने इस अनन्य भक्त की हर मनोकामना अवश्य पूर्ण करेंगे।
श्रावण मास में राजीव चौहान की यह कांवड़ यात्रा टूंडला ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति की एक मिसाल बन गई है।