आमिर कुरैशी, पटियाली।
कासगंज। जनपद के कस्बा भरगैन स्थित मोहल्ला भीकन थोक में नवनिर्मित मस्जिद “मस्जिद-ए-रज़ा” में गुरुवार 6 फरवरी 2026 को पहली बार जुमे की नमाज़ अदा की गई। इस ऐतिहासिक और रूहानी मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। नई मस्जिद में पहली नमाज़-ए-जुमा को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह और खुशी देखने को मिली। सुबह से ही मस्जिद परिसर में नमाज़ियों का आना शुरू हो गया था, जिससे पूरा माहौल इबादत और अकीदत से सराबोर नजर आया।
पहली जुमे की नमाज़ बिलग्राम शरीफ से तशरीफ लाए हज़रत सैय्यद उबैर मियां ने अदा कराई। नमाज़ से पूर्व मौलाना ईदुल हसन ने खिताब करते हुए नमाज़ की अहमियत, मस्जिद की फज़ीलत और इस्लाम में इबादत की बरकतों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि मस्जिद अल्लाह का घर होती है और इसकी तामीर में हिस्सा लेने वाले लोग अल्लाह के खास बंदों में शुमार किए जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मस्जिद को सिर्फ इमारत तक सीमित न रखें, बल्कि इसे नियमित नमाज़, तालीम और नेक अमल से आबाद रखें।
जुमे की अज़ान सरवर अली द्वारा दी गई, जिसे सुनकर पूरे इलाके में रूहानी सुकून का एहसास हुआ। खिताब के दौरान मस्जिद की तामीर में सहयोग देने वाले तमाम अहले-खैर को मुबारकबाद दी गई और कहा गया कि यह अल्लाह का खास करम है कि उसने उन्हें अपने घर की तामीर के लिए मुन्तख़िब किया।
नमाज़ के बाद मुल्क, कौम और इलाके में अमन-ओ-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए खास दुआ की गई। साथ ही यह दुआ भी की गई कि अल्लाह तआला इस मस्जिद को हमेशा नमाज़ियों से आबाद रखे और इसे हिदायत व नेकी का मरकज़ बनाए।
इस मौके पर हशमत खान, सरताज, वसीम खान, शकील, अज्जू, फारुख, नजमुल, भूरा, अख्तर, शाहआलम, पप्पू, निसार, जुल्फिकार, सरवर, मुजफ्फर, अब्दुल रहमान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।