जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद में भूमाफियाओं के बढ़ते हौसले अब धार्मिक आस्था के केंद्रों तक पहुंचते नजर आ रहे हैं। थाना क्षेत्र पचगाई के ग्राम नगला बीच में एक राशन डीलर द्वारा भोलेनाथ के प्राचीन मंदिर स्थल और चबूतरे पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। आरोप है कि कब्जे के दौरान मंदिर स्थल पर स्थित पीपल के वृक्ष को काट दिया गया और पुराने कुएं को पाट दिया गया, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर कब्जा किया गया है, वहां वर्षों से शिवलिंग स्थापित है और शिवरात्रि सहित अन्य पर्वों पर गांव के महिला-पुरुष पूजा-अर्चना करने आते रहे हैं। यह स्थान गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। ग्रामीणों के अनुसार राशन डीलर महावीर सिंह ने कथित रूप से इस धार्मिक स्थल को निजी भूमि बताकर वहां निर्माण व कब्जा कर लिया, जिससे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीण अमर सिंह ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी कासगंज प्रणय सिंह से की गई थी। जिलाधिकारी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच, पैमाइश और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक तहसील प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष और निराशा बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते कब्जाधारी के हौसले और बुलंद हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मंदिर स्थल को कब्जामुक्त नहीं कराया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस संबंध में ग्रामीणों ने मांग की है कि धार्मिक स्थल की ऐतिहासिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल जांच पूरी कर अवैध कब्जा हटाया जाए, पीपल वृक्ष और कुएं को हुए नुकसान की जिम्मेदारी तय की जाए तथा धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।