जागरण टुडे, कासगंज।
सोमवार को जनपद कासगंज में स्वास्थ्य विभाग में तैनात आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंची आशा कार्यकर्ताओं ने धरना देकर नारेबाजी की और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) राजीव अग्रवाल को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
सोमवार को जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आई आशा कार्यकर्ता सुबह जिला कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुईं। यहां उन्होंने निश्चित मानदेय, लंबित इंसेंटिव भुगतान और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर धरना दिया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय और अस्थायी व्यवस्था में काम करने को मजबूर किया जा रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजीव अग्रवाल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान आक्रोशित आशाओं ने सीएमओ की गाड़ी को रोककर नारेबाजी की और अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। बाद में सीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उनका ज्ञापन प्राप्त किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में सभी आशाओं के लिए निश्चित मासिक मानदेय तय किया जाए, इंसेंटिव भुगतान समय से किया जाए तथा उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो सभी आशा कार्यकर्ता सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वे उनकी मांगों को माननीय मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएं, ताकि इस गंभीर मुद्दे पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रहे और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।