-सोरों में रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित प्राचीन मंदिर की जमीन को कब्जा मुक्त कराने और भूमाफियाओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
जागरण टुडे, सोरों (कासगंज)।
सोरों कस्बे में रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित प्राचीन एवं आस्था का प्रमुख केंद्र भूतेश्वर महादेव मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये की जमीन बेचने की कथित साजिश को लेकर शुक्रवार को स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी कासगंज को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भूतेश्वर महादेव मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। मंदिर की सेवा-पूजा वर्षों से स्थानीय लोग करते आ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि कुछ भूमाफिया प्रवृत्ति के लोग मंदिर की कीमती भूमि को हड़पने की नीयत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं और उसे निजी संपत्ति बताकर बेचने की साजिश रच रहे हैं, जबकि उनका मंदिर से कोई वैधानिक या धार्मिक संबंध नहीं है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि इस पूरे मामले में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। कथित तौर पर अभिलेखों में हेरफेर कर मंदिर की पवित्र भूमि को निजी संपत्ति के रूप में दर्ज कराने का प्रयास किया गया, जो न केवल धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है, बल्कि कानून का भी खुला उल्लंघन है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि मंदिर की भूमि से जुड़े सभी राजस्व अभिलेखों और दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाए, फर्जीवाड़े में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो तथा भूतेश्वर महादेव मंदिर की भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में शिवम पुजारी, गोविंद उपाध्याय, पीयूष महेरे, अंकित बरबरिया, अंकित उपाध्याय, लल्ला फरसेवार, राधेश्याम वशिष्ठ, सोनू महाकाल, शरद पांडेय, शिवजी, नितिन निर्भय, सचिन महेरे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
वहीं प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।