जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आमजन को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, एफआरयू, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालन, 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाएं, पीपीपी परियोजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पीसीपीएनडीटी सहित अनेक योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को देय भुगतान की स्थिति की जानकारी ली और जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल सहित जनपद की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों को भुगतान समयबद्ध एवं बिना किसी विलंब के सुनिश्चित किया जाए।
ओपीडी सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और मरीजों को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने आशा कार्यकत्रियों की भूमिका को अहम बताते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने, नियमित टीकाकरण में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने तथा टीकाकरण से संबंधित समस्त रिकॉर्ड को ऑनलाइन अद्यतन करने के निर्देश दिए। साथ ही आभा आईडी जनरेशन को तेज करने पर भी जोर दिया गया।
एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 108 और 112 एंबुलेंस सेवाएं निर्धारित समय सीमा में मरीज तक पहुंचें, ताकि किसी भी स्थिति में मरीज उपचार से वंचित न रहे। गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल, नवजात शिशुओं की नियमित निगरानी तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड समय से बनाए जाएं, ताकि उन्हें निशुल्क उपचार का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने टीबी जांच को बढ़ावा देने, मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्कता बरतने तथा समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी अस्पतालों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।
अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा हेतु बैठने के लिए कुर्सी-बेंच, स्वच्छ पेयजल, गर्मी के मौसम में पंखों की व्यवस्था तथा चिकित्सीय उपकरणों और आवश्यक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी/सीएचसी) में उपचार व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को अनावश्यक रूप से अन्यत्र न भटकना पड़े।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, सीएमएस जिला अस्पताल नीरज अग्रवाल सहित समस्त एसीएमओ एवं एमओआईसी उपस्थित रहे।