जनपद में पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने और आम जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त कदम उठाया है। कमिश्नर जनसुनवाई के दौरान सामने आए एक पीड़ित से कथित दुर्व्यवहार के मामले में जांच के बाद सदर कोतवाली में तैनात एक हेड कांस्टेबल सहित दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमिश्नर जनसुनवाई में एक पीड़ित ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों द्वारा उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, उसे धक्का-मुक्की की गई और गला पकड़कर चोर जैसा वर्ताव किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी अंचाल चौहान द्वारा पूरे प्रकरण की जांच कराई गई।
जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर सदर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल राजेश तोमर तथा ढोलना थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी श्रवण कुमार को अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए गए। जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों का आचरण विभागीय नियमों और पुलिस की गरिमा के प्रतिकूल पाया गया, जिससे विभाग की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इस संबंध में स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी का दायित्व है कि वह जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता, धैर्य और जिम्मेदारी के साथ सुने तथा कानून के दायरे में रहकर कार्य करे।
एसपी ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही या मनमानी सामने आने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जनपद के सभी थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश गया है कि अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी है और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारों का मानना है कि इस कदम से पुलिस व्यवस्था सुदृढ़ होगी और आम जनता का भरोसा पुलिस प्रशासन पर और मजबूत होगा।