शहर के राजमहल गार्डन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनसंघ के प्रमुख विचारक, एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि ‘समर्पण दिवस’ के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तीन अलग-अलग सत्रों में उनके विचारों, दर्शन और अंत्योदय के संकल्प पर विस्तार से चर्चा की गई।
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मुख्य अतिथि पूर्व डीसीबी चेयरमैन भूपेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता तथा जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र मोहन शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए।
पहले सत्र में “संगठन मूल्य एवं अंत्योदय की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास” विषय पर बोलते हुए जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना था कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंत्योदय के सिद्धांत को शासन का मूलमंत्र बनाया है। केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं गरीब, किसान, श्रमिक, महिला और युवाओं को सशक्त बना रही हैं। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” इसी विचारधारा का व्यापक रूप है, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संदेश देता है।
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दूसरे सत्र में “संगठनात्मक विस्तार” विषय पर पूर्व डीसीबी चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने संगठन को केवल चुनावी मंच नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और वैचारिक प्रतिबद्धता का माध्यम माना। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भाव को संगठन की असली शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज उसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंच बना रही है और कार्यकर्ताओं से संगठन के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
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तीसरे सत्र में “एकात्म मानववाद एवं सादगीपूर्ण जीवन” विषय पर जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र मोहन शर्मा ने कहा कि एकात्म मानववाद भारत की मौलिक सोच है, जिसमें व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र को एक इकाई के रूप में देखा जाता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन अत्यंत सादा था, किंतु उनके विचार उच्च और प्रेरणादायी थे।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत ने किया। इस अवसर पर कई पूर्व जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।