जागरण टुडे, कासगंज। मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक मिसाल कासगंज में उस समय देखने को मिली, जब ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने अपनी जान की परवाह किए बिना गहरे पानी से भरे गड्ढे में कूदकर 5 वर्षीय मासूम की जिंदगी बचा ली। इस साहसिक कार्य ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियाँ लौटाईं, बल्कि खाकी वर्दी के मानवीय चेहरे को भी उजागर किया।
जानकारी के अनुसार, एटा रोड स्थित कासगंज बाइपास तिराहा, सौरभ होटल के पास निर्माण कार्य के चलते एक गहरा गड्ढा खुदा हुआ था, जो पानी से लबालब भरा था। आसपास खेल रहा एक 5 वर्षीय बच्चा अचानक संतुलन खो बैठा और गड्ढे में जा गिरा। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर मौके पर भीड़ तो जुटी, लेकिन गहराई और कीचड़ के कारण कोई तुरंत पानी में उतरने का साहस नहीं कर पाया।
इसी बीच गश्त पर तैनात बाह्य व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षी गौरव कुमार (चेस्ट नंबर 85, टोली नंबर 03) की नजर भीड़ पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता समझते ही उन्होंने एक पल भी देर नहीं की और वर्दी की परवाह किए बिना सीधे पानी से भरे गड्ढे में छलांग लगा दी।
कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चा बेहोशी की हालत में था और उसके पेट में पानी चला गया था। पुलिसकर्मी ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए उसे प्राथमिक उपचार (CPR) दिया और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने बच्चे को खतरे से बाहर बताया।
इस सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक कासगंज सुश्री अंकिता शर्मा ने गौरव कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि हर संकट में मानव जीवन की रक्षा करना भी है। उनका यह साहसिक कदम पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय है।बच्चे के परिजनों ने भावुक होकर पुलिसकर्मी का आभार जताया और उन्हें “वर्दी में भगवान” की संज्ञा दी।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि खाकी वर्दी केवल अनुशासन और सख्ती का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, साहस और मानवता की सजीव पहचान भी है,जो सही मायनों में “आपकी सेवा, संकल्प हमारा” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करती है।