शासन के निर्देश पर जनपद के सभी विकास खंडों में दो-दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन कर प्रशासन ने गांव-गांव दस्तक दी। अम्बियापुर से वजीरगंज तक आयोजित इन चौपालों में अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी।
विकास खंड अम्बियापुर, आसफपुर, बिसौली, दातागंज, दहगवां, इस्लामनगर, जगत, म्याऊं, कादरचौक, सहसवान, सालारपुर, समरेर, उझानी, उसावां और वजीरगंज की चयनित ग्राम पंचायतों में चौपालें लगीं। विकास खंड उझानी की ग्राम पंचायत धमेई में मुख्य विकास अधिकारी स्वयं मौजूद रहे, जबकि अन्य स्थानों पर खंड स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और ग्राम स्तरीय कार्मिकों ने भागीदारी की।
चौपालों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, ग्रामीण आवास योजना, पशुपालन विभाग की योजनाएं, विभिन्न पेंशन योजनाएं, राशन कार्ड, डॉ. आंबेडकर विशेष रोजगार योजना तथा स्वास्थ्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि पात्रता के आधार पर सभी को योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सबसे अहम बात यह रही कि जनपद भर में आयोजित चौपालों के दौरान कुल 30 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों को लंबित रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
ग्राम चौपालों के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यदि इसी तत्परता से कार्यवाही जारी रही तो यह पहल गांवों में पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी साबित हो सकती है।