जागरण टुडे कासगंज। जनपद के पटियाली क्षेत्र में अवैध बालू खनन का धंधा बेलगाम होता जा रहा है। खनन माफिया रात के अंधेरे में धड़ल्ले से नियमों को ताक पर रखकर बालू का खनन कर रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग या तो पूरी तरह अनजान बना हुआ है या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें मूंदे बैठा है। क्षेत्र में चर्चा है कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा अवैध खेल संभव ही नहीं।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, देर रात दर्जनों की संख्या में बालू से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली गांवों और कस्बाई आबादी वाले मार्गों से बेखौफ गुजरते हैं। गंजडुंडवारा कस्बे सहित कई मार्गों पर यह नजारा रोज देखने को मिल रहा है। तेज रफ्तार से दौड़ते ये ओवरलोड वाहन न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि आमजन की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन ट्रैक्टरों के काफिले के आगे-आगे एक शख्स मोबाइल फोन कान पर लगाए चलता है, जो रास्ते की हर हलचल,चेकिंग या प्रशासनिक गतिविधि की सूचना तुरंत चालकों तक पहुंचाता है। यानी पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है।
लेकिन इसके बाबजूद खनन विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों तक की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या विभाग को सच में भनक नहीं या फिर मिलीभगत के चलते कार्रवाई पर पर्दा डाला जा रहा है। यदि यही हाल रहा तो राजस्व को करोड़ों का चूना लगता रहेगा और माफिया यूं ही कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध खनन माफिया पर कब नकेल कसते हैं।या फिर संरक्षण का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।