जागरण टुडे, कासगंज। कस्बा गंजडुंडवारा मे महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आस्था, उत्सुकता और चर्चा का अनोखा संगम देखने को मिला। जहाँ पहले संभल जनपद की तमन्ना की तस्वीर ने लोगों को चौंकाया था। जो बुर्का पहनकर कंधे पर कांवड़, होंठों पर ‘बम भोले’ का जयकारा लगा रही थी। वही अब वैसी ही एक और तस्वीर कासगंज जिले के गंजडुंडवारा नगर से सामने आई है।
यहाँ शनिवार रात्रि बुर्का पहने एक मुस्लिम महिला कांवड़ लेकर जाती दिखी तो राह चलते लोग ठिठक गए। देखते ही देखते भीड़ जुट गई कोई हैरान, कोई उत्साहित, तो कोई इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करता नजर आया।
बताया जा रहा है कि महिला कादरगंज गंगा घाट से विधिवत जल भरकर लाई थी और एटा जिले के परसोंन गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रही थी।
जिसे रास्ते में हिंदू समाज के लोगों रोका लेकिन विरोध के लिए नहीं, स्वागत के लिए। बातचीत में महिला ने अपना नाम सोनी बताया और कहा कि वह मुस्लिम समाज से है, लेकिन भोलेनाथ में उसकी गहरी आस्था है।
जैसे ही यह दृश्य सामने आया, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम भोले’ के जयकारे गूंज उठे। कई लोगों ने फूल बरसाए, तो कुछ ने कांवड़ यात्रा की सराहना की।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे देख कोई इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बता रहा है, तो कोई आस्था की कोई जाति नहीं होती लिखकर शेयर कर रहा है।
हलांकि महाशिवरात्रि पर्व पर सामने आई यह तस्वीर इलाके में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।जहां बुर्का और कांवड़ एक साथ दिखे और सियासत से दूर, आस्था ने सुर्खियां बटोर लीं।