विकासखण्ड वजीरगंज अंतर्गत ग्राम निमठोली में किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि उत्पादन की लागत कम करने, भूमि की उर्वरता बनाए रखने और संतुलित उर्वरक उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों एवं सहकारी बंधुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से इफको के उप महाप्रबंधक, मेरठ क्षेत्र, ब्रजवीर सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर कृषि संबंधी फीडबैक प्राप्त किया तथा रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि मक्का और गन्ना जैसी फसलों में इफको नैनो डीएपी एवं इफको तरल कंसोर्टिया का प्रयोग कर लागत घटाई जा सकती है और भूमि की सेहत को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।
ब्रजवीर सिंह ने कहा कि नैनो डीएपी के उपयोग से पारंपरिक दानेदार डीएपी की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। इससे न केवल किसानों की लागत घटेगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी संरक्षित रहेगी। उन्होंने संतुलित उर्वरक प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर इफको के क्षेत्र प्रबंधक जितेंद्र कुमार गंगवार ने मक्का फसल में संतुलित उर्वरक उपयोग की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी का प्रयोग करने वाले किसान होरीलाल के खेत में आलू की फसल की खुदाई कर परिणामों का प्रदर्शन किया गया, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ देखने का अवसर मिला।
किसानों को सलाह दी गई कि आगामी मक्का फसल में बीज उपचार हेतु 10 मिली नैनो डीएपी प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपयोग करें तथा लगभग 40 दिन की फसल पर एक स्प्रे अवश्य करें। इससे दानेदार डीएपी की खपत लगभग आधी की जा सकती है और उत्पादन में वृद्धि संभव है। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना रहा।