मानव सेवा और लोककल्याण की भावना को साकार रूप देते हुए संत निरंकारी मिशन 22 फरवरी को ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के चौथे चरण की शुरुआत करेगा। ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ थीम पर चलने वाला यह अभियान परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार देशभर में एक साथ आयोजित होगा।
मीडिया सहायक किशोर स्वर्ण ने बताया कि इस देशव्यापी अभियान के तहत भारत के करीब 1500 जल स्रोतों पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें लगभग दस लाख निरंकारी भक्त भाग लेंगे। दिल्ली के यमुना घाटों से लेकर मथुरा-आगरा तक अभियान की विशेष थीम ‘आओ संवारें, यमुना किनारे’ रखी गई है।
मथुरा में रविवार सुबह 8 बजे से सैकड़ों श्रद्धालु विश्राम घाट से बंगाली घाट तक यमुना तट पर सफाई अभियान चलाएंगे। घाटों पर जमी काई, कीचड़ और प्लास्टिक कचरे को हटाकर जल संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। इसके अलावा फरह स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के मखदूम घाट और कोसीकलां के गोमती कुंड बालाजी घाट पर भी स्वच्छता अभियान संचालित किया जाएगा।
मथुरा जोन के इंचार्ज एच.के. अरोड़ा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज को यह समझाना है कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है। इसकी रक्षा करना हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन ने बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं से प्रेरित होकर वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ की शुरुआत की थी।
मिशन का प्रयास है कि जल संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम न रहकर जन-जन की जीवनशैली का हिस्सा बने। निरंकारी भक्तों का यह सामूहिक श्रमदान समाज में स्वच्छता, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।