जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
जिले के अमांपुर क्षेत्र से जुड़ी हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पांचों शव गांव भोजराज नगला पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में पति-पत्नी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जबकि तीनों मासूम बच्चों को एक ही गड्ढे में दफनाया गया। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर हर आंख नम हो गई और पूरे गांव में सन्नाटा छा गया।
जानकारी के अनुसार, बीते करीब बीस वर्षों से अमांपुर कस्बे में किराये के मकान में रह रहा एक परिवार अचानक उजड़ गया। मृतक सत्यवीर मूल रूप से भोजपुर गांव का निवासी था। उसके दो भाई हैं और माता-पिता गांव में ही रहते हैं। शनिवार को सत्यवीर और उसकी पत्नी शीला के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले, जबकि तीनों बच्चों—आठ वर्षीय गिरीश, दस वर्षीय प्रांशी और 12 वर्षीय आकांक्षा—के शव बिस्तर पर पड़े मिले।
प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को पहले जहर दिया गया और उसके बाद दंपती ने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। परिजनों के अनुसार, परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बच्चों के मामा मदन पाल ने भी आर्थिक परेशानियों को घटना की बड़ी वजह बताया है। वहीं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि पत्नी के जेवर गिरवी रखने और बाद में बेच देने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था।
घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक हंसता-खेलता परिवार इस तरह खत्म हो जाने से गांव में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल इतना भावुक था कि मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके।