छह साल पुराने हत्याकांड में अदालत ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार जुर्माना भी लगाया
करीब छह वर्ष पहले झोलाछाप कुंवरसेन की धारदार हथियारों से हत्या करने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने थाना क्योलड़िया क्षेत्र के गांव मैथी नवदिया निवासी भूपराम और उसके दो पुत्रों उमेश उर्फ उमेंद्र एवं पवन को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह घटना 19 जून 2020 की है, जब कुंवरसेन गांव में बरात में शामिल होने जा रहे थे। तभी लेखपाल फकीरचन्द्र के मकान के सामने घात लगाए बैठे भूपराम और उसके दोनों पुत्रों उमेश उर्फ उमेंद्र एवं पवन ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे कुंवरसेन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें फौरन सीएचसी नवाबगंज ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने कुंवरसेन को मृत घोषित कर दिया।
पत्नी मंजूरानी की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई गई। अदालत में दिए बयान में उन्होंने कहा कि घटना से सात-आठ माह पूर्व गांव में भूपराम को लेकर एक अफवाह फैली थी, जिससे नाराज होकर वह उनके परिवार से दुश्मनी मानने लगा। इसी रंजिश में साजिश के तहत कुंवरसेन की हत्या कर दी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिगम्बर पटेल और मनोज वाजपेई ने अदालत में सात गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने भूपराम और उसके दोनों पुत्रों उमेश उर्फ उमेंद्र एवं पवन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।