दस वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-3) ने थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र के ग्राम तैयतपुर निवासी शिवकुमार उर्फ शिब्बा तथा पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम मुसराहा निवासी हरिओम उर्फ बिट्टन को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 19 अप्रैल 2016 की रात करीब 2:30 बजे की है। आरोप है कि दोनों अभियुक्त मृतक अनुराग मोहन के घर में घुस आए और उसे गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
मृतक के पिता वीरेन्द्र ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए प्रेम प्रसंग को लेकर रंजिश की बात कही थी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।