जागरण टुडे, अंकित पंडित, कासगंज।
जनपद में एक कथित चिकित्सक द्वारा बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के दवाखाना संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्वयं को “डॉ. एम.एस. खान, जम्मू-कश्मीर वाले” बताने वाला व्यक्ति ‘नेशनल देसी दवाखाना’ के नाम से उपचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसके पास न तो कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री है और न ही विधिवत डिप्लोमा, इसके बावजूद वह प्रत्येक बुधवार को मां गंगा मार्केट, तरसी तिराहा, कादरगंज (कासगंज) में बैठकर मरीजों को दवाएं दे रहा है।
प्रचार-पर्चों में वह देसी जड़ी-बूटियों से 100 प्रतिशत गारंटी के साथ पुराने दर्द, दाद-खाज-खुजली, सफेद दाग, गैस, लीवर की सूजन, मोटापा, घबराहट, चक्कर, गुप्त रोग, लिकोरिया, स्वप्नदोष, बवासीर, टीबी, पुरानी खांसी, शुगर, रसौली व बच्चेदानी संबंधी समस्याओं समेत कई गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार सभी रोगों के “गारंटीड इलाज” का दावा भ्रामक और नियमों के विरुद्ध हो सकता है।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब महमूद गांव निवासी जुग्नेश्वर कथित दवा लेने के बाद बीमार पड़ गए। परिजनों का आरोप है कि दवा सेवन के बाद उन्हें शौच के दौरान खून आने लगा और उनकी हालत बिगड़ गई। पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तहरीर देकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि बिना मान्यता प्राप्त डिग्री या पंजीकरण वाले व्यक्तियों से इलाज न कराएं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अधिकांश बीमारियों का उपचार और दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं, इसलिए किसी भी झोलाछाप या अप्रमाणित चिकित्सक के झांसे में आने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।