28 साल पहले बेची गई जमीन को लेकर तहसील परिसर में हंगामा, प्रशासन की सतर्कता से टली बड़ी घटना; जांच के लिए राजस्व व पुलिस टीम गठित
जनपद बरेली की मीरगंज तहसील में बुधवार को जमीन विवाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। करीब 28 वर्ष पहले बेची गई भूमि को लेकर एक युवक तहसील परिसर पहुंच गया और प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सतर्कता से समय रहते युवक को रोक लिया गया, जिससे बड़ी घटना टल गई। सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश पुलिस की मीरगंज कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कानूनगो और लेखपाल की टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, गांव वहरोली एवं हाल निवासी गाँव हुरहुरी निवासी रूमाल शाह ने आर्थिक संकट के चलते वर्ष 1998 में अपनी आवादी के पास स्थित गाटा संख्या 593, रकबा 0.101 हेक्टेयर भूमि गांव के ही सगे भाइयों रामप्रसाद और श्यामवीर को दो गवाहों के समक्ष 11 हजार रुपये में बेच दी थी। यह विक्रय स्टाम्प पर विक्रेता के फोटो एवं हस्ताक्षर कर नोटरी के माध्यम से दर्ज कराया गया था और तब से खरीदारों का कब्जा बताया जा रहा है।
खरीदार पक्ष का कहना है कि वह लंबे समय से जमीन का उपयोग कर रहे हैं और इसी भूमि पर 15 वर्ष पूर्व सरकारी अनुदान से शौचालय का निर्माण भी हो चुका है, जबकि अन्य हिस्सों में पक्के मकान भी बने हुए हैं। वहीं उनका आरोप है कि अब विक्रेता और उसका पुत्र दोबारा जमीन पर कब्जा करने का कूटरचित योजना अपनाकर प्रयास कर रहे हैं।
तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।