जागरण टुडे,कासगंज।
जनपद में कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इंस्पेक्टर लोकेश भाटी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। गंभीर आरोपों में नाम सामने आने और भाजपा नेताओं से विवाद के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और आंतरिक जांच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, बीते वर्ष जुआ संचालन के एक मामले में 15 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। आरोप है कि बाद में छह अतिरिक्त नाम जोड़कर कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया गया। यह भी दावा किया गया कि कथित रूप से कुछ नाम हटाने के एवज में लेनदेन हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अन्य थाने को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में सभी 21 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
इसके अलावा, बिल्सी से घूमने आई एक महिला की नहर में गिरने से हुई मौत का मामला भी चर्चा में रहा। प्रारंभिक स्तर पर इसे संदिग्ध माना गया, लेकिन बाद में इसे हादसा बताया गया। इस प्रकरण में भी जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा की बात सामने आ रही है।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब 25 फरवरी को वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज किशोर मिश्रा को पुराने वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा समेत कई पदाधिकारी पटियाली थाने पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन किया। आरोप लगाया गया कि फोन पर बातचीत के दौरान अभद्र व्यवहार किया गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर लोकेश भाटी को लाइन हाजिर कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस विभाग को पारदर्शिता बनाए रखते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जनमानस का विश्वास कायम रह सके। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।