महोली रोड स्थित ऋषिनगर में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की एक बैठक आयोजित की गई।अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र शर्मा ने की, जबकि संचालन धर्मदत्त गौतम ने किया। बैठक में हाल ही में यूजीसी द्वारा पारित नियमावली का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगदीश कौशिक ने यूजीसी की नई नियमावली को सवर्ण समाज के बच्चों के विरुद्ध साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में इस प्रकार के कानून लाकर सवर्ण समाज के बच्चों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। यह कदम सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने वाला है।
जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14 का घोर उल्लंघन है। उन्होंने इसे समाज के छात्र-छात्राओं के लिए “घातक तलवार” बताया और आशंका जताई कि इससे सामाजिक समरसता प्रभावित होगी तथा देश में आपसी तनाव बढ़ सकता है।
पूर्व मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम गौतम ने सवाल उठाया कि जब यह बिल पारित हो रहा था, तब सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने विरोध क्यों नहीं किया। उन्होंने समाज के जनप्रतिनिधियों से भविष्य में सजग और सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। बैठक में मथुरानाथ शास्त्री ने हिंदू धर्म के प्रतिष्ठित पद पर आसीन जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरित्र हनन के कथित प्रयासों की निंदा की और प्रकरण वापस लेने की मांग की।
बैठक में जगदीश कौशिक, कुशल पाल शर्मा, पन्नालाल गौतम, डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, तिलक शर्मा, के.के. गौतम, देवेंद्र शर्मा, हरिओम गौतम, सत्यनारायण गौतम, मथुरानाथ शास्त्री, शिवम शर्मा, नरेंद्र कृष्ण गौतम, सीताराम पाठक और विनीत गौतम सहित अनेक ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।