जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
सिढपुरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में चल रहे एमआर (मीजल्स-रूबेला) विशेष टीकाकरण अभियान ने जागरूकता और संवाद के दम पर नई गति पकड़ ली है। शुरुआत में कुछ मुस्लिम बाहुल्य इलाकों और विद्यालयों में वैक्सीन को लेकर हिचकिचाहट देखने को मिली, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय पहल के बाद अधिकांश अभिभावकों ने अपने बच्चों का टीकाकरण करवाया।
अभियान के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, न्यू पीएचसी, टीकाकरण उपकेंद्रों और विभिन्न स्कूलों में विशेष कैंप लगाए गए। स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर संपर्क किया और अभिभावकों को खसरा व रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में एमआर वैक्सीन की अहम भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रारंभ में कुछ अभिभावकों ने आशंकाओं के चलते बच्चों को टीका लगवाने से मना कर दिया। स्थिति को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार गौतम, डॉ. विनायक, साजिद अली और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विशाल सक्सेना स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से सीधा संवाद कर वैक्सीन की सुरक्षा, प्रभावशीलता और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जानकारी साझा की।
स्वास्थ्य अधिकारियों की समझाइश और लगातार प्रयासों का सकारात्मक असर दिखा। अधिकांश अभिभावक सहमत हुए और बच्चों का टीकाकरण कराया गया, जिससे अभियान की रफ्तार तेज हो गई।
सिढपुरा-धुमरी मार्ग स्थित निजी स्कूल और मदरसों में भी विशेष कैंप आयोजित किए गए। अभियान को सफल बनाने में शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी स्वास्थ्य विभाग ने सराहना की।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्रदीप कुमार गौतम ने अभिभावकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बच्चों को समय से सभी आवश्यक टीके लगवाकर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखें।