रंगों, उमंग और उल्लास का अनुपम पर्व होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का उत्सव है। जब फाल्गुन की मधुर बयार वातावरण को स्पर्श करती है, तब मन में प्रेम, सौहार्द और आत्मीयता के रंग स्वतः ही घुलने लगते हैं। मीरगंज (बरेली) की पावन धरती पर भी होली का यह पर्व हर वर्ष नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर जागरण टुडे परिवार की ओर से समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं।
होली का महत्व केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई और अहंकार पर भक्ति की विजय का प्रतीक है। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार परम भक्त भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा और भक्ति ने यह सिद्ध किया कि सच्चे मन से की गई आराधना के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। उनके पिता हिरण्यकश्यप ने अपने अहंकार में आकर अनेक प्रयास किए, किन्तु प्रह्लाद की भक्ति अडिग रही। अंततः अग्नि में बैठी होलिका स्वयं भस्म हो गई और भक्ति की ज्योति अमर हो उठी। तभी से होलिका दहन का पर्व यह संदेश देता आया है कि सत्य और श्रद्धा की विजय निश्चित है।
मीरगंज क्षेत्र में होली का उत्सव सामाजिक समरसता और पारस्परिक प्रेम का प्रतीक बन जाता है। गांवों और मोहल्लों में होलिका दहन के समय श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। ढोलक की थाप, फाग के मधुर गीत और गुलाल की रंगत वातावरण को आनंदमय बना देती है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस पर्व में समान उत्साह के साथ शामिल होते हैं, मानो पूरा नगर प्रेम के रंगों में सराबोर हो गया हो।
होली हमें यह भी सिखाती है कि जीवन में कटुता और भेदभाव को त्यागकर प्रेम और भाईचारे को अपनाना ही सच्ची परंपरा है। यह पर्व नई आशाओं, नई खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश लेकर आता है। आज के समय में आवश्यकता है कि हम इस उत्सव को शालीनता, सद्भाव और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ मनाएं, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत और भी सुदृढ़ हो सके।
एक बार फिर जागरण टुडे की ओर से मीरगंज (बरेली) सहित समस्त क्षेत्रवासियों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि होली के रंग आपके जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद के नए आयाम लेकर आएं।