ओमकार गंगवार,मीरगंज (बरेली)
होली के पावन पर्व के उपरांत बरेली जनपद के मीरगंज कस्बे में गुरुवार को सनातन आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार माँ बाई जी की पारम्परिक शोभायात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। भक्तों की टोली बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर नाचते-गाते हुए कस्बे की गलियों से गुजरी और अंत में सिद्धपीठ बाई जी की मठिया पहुंचकर भक्तिभाव से चादरपोशी की।
सनातन संस्कृति में होली के बाद का यह आयोजन मीरगंज क्षेत्र की एक विशेष धार्मिक परंपरा के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि माँ बाई जी की कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहती है। इसी आस्था के साथ प्रत्येक वर्ष होली के अगले दिन मोहल्ला शिवपुरी से भक्तों का एक जत्था शोभायात्रा के रूप में निकलकर बाई जी की मठिया तक पहुंचता है और श्रद्धापूर्वक चादर चढ़ाकर क्षेत्र की मंगलकामना करता है।
गुरुवार को दोपहर लगभग तीन बजे भक्तों की टोली बैंड की धुन पर नाचते-गाते हुए शोभायात्रा के रूप में निकली। श्रद्धालु “जय माँ बाई जी” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। यह शोभायात्रा धर्मशाला से होते हुए सिंधौली चौराहा और अन्य प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए लाइन पार स्थित सिद्धपीठ बाई जी की मठिया पर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था।
शोभायात्रा के दौरान कस्बे के लोगों ने श्रद्धालुओं का फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने आरती उतारकर और प्रसाद वितरित कर इस धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ श्रद्धालु झूमते नजर आए।
मठिया पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ माँ बाई जी को चादर अर्पित की। भक्तों ने अपने परिवार, समाज और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा मंगल की कामना करते हुए माता के चरणों में शीश नवाया।
इस अवसर पर श्री बालाजी दरबार समिति, नथपुरा रोड मीरगंज के महंत राम किशोर मौर्य भी मौजूद रहे और उन्होंने जुलूस व चादरपोशी के दौरान अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में रोहन चंद्रा, रितिक भारद्वाज, दिनेश दिवाकर, हर्षित रस्तोगी, जतिन कुमार, अभिषेक कुमार, अनुज भारद्वाज, विमल चंद्रा, हिमांशु भारद्वाज, सतीश चंद्र रस्तोगी, बबलू कुमार, मिलन शर्मा, नरेश चंद्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह ने इस पारंपरिक आयोजन को और भी भव्य बना दिया।