राजकीय महाविद्यालय आवास विकास की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की स्वामी विवेकानंद इकाई द्वारा ग्राम नरऊ बुजुर्ग में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन ‘नशा मुक्ति दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सतीश सिंह यादव के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांव में जनजागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान छात्रों ने नारे लगाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। रैली गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शिविर स्थल पर समाप्त हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर यह दिखाया कि किस प्रकार नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद महाविद्यालय की प्राचार्य लेफ्टिनेंट डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ समाज से ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
एनएसएस के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार जायसवाल ने नशे की प्रवृत्ति के मनोवैज्ञानिक कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आजकल किशोर और युवा अक्सर फिल्मी सितारों के ग्लैमर और जीवनशैली से प्रभावित होकर उनकी नकल करते हैं, जो कई बार उन्हें नशे की लत की ओर ले जाती है। इसलिए युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनिल कुमार ने स्वयंसेवकों और ग्रामीणों को ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास भी कराया। उन्होंने बताया कि योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहा जा सकता है।
इस अवसर पर शगुन शर्मा, हर्षित, पवन कुमार, मानसी दिवाकर, नव्या सिंह, मोहन लाल, तमन्ना, विपिन कुमार, समीक्षा, अमर प्रताप सिंह, अशेष, अंशुल कुमार, गौसिया, डॉली, दीक्षा सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।